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Prestashop Developer
Vipul Hadiya is an Indian expert Prestahop and Wordpress developer having 4+ years of experience of working with clients of almost 22 countries around the world.
At Konjali
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Mahuva, Gujarat
364290
India
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DOB: 07/27/1991

सपनो से हकीकत कि आेर

ये बात सिर्फ मेरी निह है। ये बात हर उस लडके की है जो या तो अपने सपनो के पीछे भाग रहा है या फिर सपनो को हकिकत मे बदलने की कोशिश मे लगा है। फिलहाल तो पेशे से ऎक वेब डेवेलोपर हु लेकिन मैने कभी सोचा नहि था कि मे कम्प्युटर पर भी काम कर सकटा हु| जब से होश सँभाला तब से ऎक चाहत थी कि बनना हे तो डोक्टर अन्यथा कुछ नहि| लेकिन हर बार हम जैसा सोचते है वैसा नहि होता, हम अपने लिये कुछ सोचे उनसे पहले शायद कायनात हमारे हिस्से का फैसला भी कर चुकी होती है।

बारहवी के रिझल्ट मे जो पर्सन्टेज मिले वो सरकार मेडिकल कोलेज मे ऎडमिशन के लिये काफि नहि थे और पिरवार की आमदनी प्राइवेट कोलेज के लिये काफि नही थी| ये बात नीद मे चलने के जैसी थी, आप चल तो रहे है लेकिन कहाँ जा रहे है ये पता नहि है। कुछ नहि करने के लिये भी हिम्मत चैहये थी जो शायद मुझम निह थी तो मेर भाइने मुझे फार्मसी मे दाखिल होने मना लिया लेकिन बीस दिन के भीतर ही मे समझ गया की मे ये नहि कर सकता। छोड डिया मैने फार्मसी को भी और सुरत को भी, आ गया वापस अपने गाँव। और आखिर कुच भी ना करने की हिँमत भी झुटा ही ली| अगले साल ऎडमिशन के सिझन मे लगा की चलो फिर से कुछ नई कोशिश करते है तो डिप्लोमा मिकेनिकल मे ऎडमिशन लिया, भावनागार पोलिटेक्निक कोलेज मे| पहेले सेमेस्टर तक तो सब ठीक चला लेलिन तीन साल से माईग्रेन चला आ रहा था और आखिर मे मैने पहेले सेमेस्टर के बाद हथियार डाल दिये और छोड डिया मिकेिनकल भे| तब सोचा नही था की ये मेरी झिँदगी सा सबसे महत्बपूर्ण फैसला रहेगा|

अगले छ महिने तक पापा को किसानी मे हाथ बटाया| अब तो खुद से ही कुछ उम्मीद नहि बची थी| लेकिन फिर से अगले साल के ऎडमिशन की सीझन तक ऎक नया ख्याल आया और गाँव के पास के श हेर महुवा मे बी.सी.ऎ मे दाखिल हो गया| अब ऎक बात तो तय हो गई थी की अगर ब हेतर लाइफ जीने कि ख्वाहिश है तो अपनी तकलीफो से बडा और अपने आप से छोटा बन ना पडेगा| बन गया| पुरी जान लगा दी बी.सी.ऎ मे, अपने हिसब से| कभी अच्छे पर्सन्टेज तो नहि ला सका क्युँ कु मे जो कर रहा था वो मेरी पसँद नहि बस ऎक समाधान था| फिर भी अब फिल्मोवाली फिलोसोफी काम लगनेवाली थी भी नहि कि वो हि करो जिसमे मजा आता हो| लेकिन मैने प्रोग्रामिँग मे खुद को अव्वल बना लिया और ऎक सेम आहिर की सलाह के मुतााबिक पीऎचपी को अपनी पसँद बनाया था|

बीसीऎ कम्पलिट होने तक मेने खुद को पीऎचपी मे मास्टर बना लिया था| और साथ ही साठ मेन oDesk पे भी ऎकाउन्ट बना लिया ऒर अपने हिसब से बीड करबना शरु कर दिया| मैने ोदेसक के पहले प्रोजेक्ट मे सिर्फ अस्सी डोलर के लिये मैने डेढ महिने तक काम किया था| ऎक्झाम खतम होने के बाद अहेमदाबाद की ऎक छोटी सी कम्पनी मे दस हजार महिने कि तनख्वा पर जोब तो मिल गई पर वहाँ मे ऎकलोता ऎम्प्लोयी था और मुझे सिर्फ HTML मे काम करना पडता था जो मेरी स्किल से काफि नीछे के लेवल का था तो डेढ मिहने के बाद वो जोब छोड दी और जो महुवा श हेर मे मैँ पढा था वहाँ ऎक फ्रिलान्सर के लिये सात मिहने तक काम किया जहाँ मुझे ।PrestaShop और WordPress मे काम करना था तो मे काम के मझे लेने लगा लेकन यहाँ मुझे सेलेरी पीछली जोब से कम मील रही थी, आठ हजार प्रति माह| मुझे क्वोरा की वज से हप्ते मे दो या तीन लोग कुछना कुुच पूछते ही रहेते हे, ज्यदातर मेरी आमदनी के बारे मे तो यहाँ मे अपनी आमदनी के सहि आँकडे भी आपको बता दुँगा।

इसी दौरान मे oDesk, जो कि अब upWork था, से PrestaShop और WordPress के बडे प्रोजेक्ट भी लेने लगा था| काम स्पीड और क्वोलिटी वजह से अच्छे रिव्यु भी मिलने लगे| ज्यादाटर क्लायन्ट के साथ लोन्ग टर्म रिलेशनशीप हो चूकी थी| ऎक डिन उन्ही मे से इक ने मुझे 500 डोलर प्रति माह मे काम करने का ऒफर किया| याद रखे मे 8000 के लिये काम करता था जहाँ मुझे हप्त मे सिर्फ ईतवार को रजा मीलती थी| ये केनेडा का क्लायन्ट मुझे हप्ते मे दो रजा और चार गुना सेलेरी यानी 400% ऒफर कर रहा था, वो भी कीसी शर्त के बिना| मेने तुरँत ही हा कर दी और 8000 वाली जोब छोड दी|

इस पर्मेन न्ट जोब के साठ खाली वक्त मे मै और भी काम कर सकटा था तो मेरी आमदनी 50000 तक हो जाती थी| मेने उस क्लायन्ट के साथ करना 15th July 2015 से शरु किया था| छ महिने बाद उसने सेलेरी बढा के 600 डोलर कर दी ऒर ऎक साल के बाद 800 डोलर करदी तो आज मेरी आमदनी 70-80000 तक हो जाती है| यकिन मानीये, ये मेरी डेढ साल पहेले की आमदनी से दस गुना है|

आज मे डोक्टर नहि हुँ लेकिन खुश हु। मोटरकार तो आज भी निह खरीद सकता लेिकन खरीदने की जरुरत भी नहि है, मे गुजरात के ऎक भोत छोटे से गाँव मे रेह रहा हुँ जहाँ अगर आप मोबाइल इन्टरनेट की गिनती ना करे तो सिर्फ मेरे पास इन्टरनेट है। मेरे गाँव मे आज भी आपको कीसी भी सेल्युलर का रिचार्ज तो क्या कुपन भी नहि मिलेगा तो आप समझ सकट है की ऎ आमदनी मेरे लिये बहुत बडी बात है।

और आब आइऎ मेरे सपने कि और, डोक्टर तो बन ना हि था लेकिन अब मेडिकल सायन्स मे पोसिबल नहि था लेकिन मे पी.ऎच.डी तो कर सकता हु ना। उस फ्रिलान्सर के लिये काम करना छोडने के साथ मेन ऎम.ऎस.सी.आई.टी जोइन कर लिया था और 22nd April 2017 को ऎक्झाम देनेवाला हुँ, अगर रिझल्ट ठीक रहा तो जल्द ही पी.ऎच.डी के लिये ऎप्लाय करुँगा|

दुसरी बात, इस सबके साथ साथ मे ऎक गुजराती नोवेल लिख रहा हुँ जो July 2017 को पब्लीश होगी. आखिर मैने अपने आपको खोज हि लिया।

About Vipul Hadiya

Vipul Hadiya is full time Prestashop and Wordpress Developer. Active at both job and freelancing on Upwork.com (formerly oDesk). He has interest to share Prestahsop tutorials for beginners.

One comment

  1. Hats Off to you, Really your dreams are running for turn into reality

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